Home CITY NEWS नगर पालिका अधिकारीयो द्वारा अवैध निर्माण कार्यों की मौन स्वीकृति

नगर पालिका अधिकारीयो द्वारा अवैध निर्माण कार्यों की मौन स्वीकृति

नरेंद्र साहू छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव – मामला जुन्नारदेव नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा अवैध निर्माण कार्य, वित्तीय फंड क़ी हेराफेरी, बिना किसी भवन निर्माण की अनुमति द्वारा अवैध निर्माण कार्य, एवं जानबूझकर अतिक्रमण करवाये जा रहे है गौरतलब है क़ी नगरपालिका मे बिना पैसे क़ी रिश्वत दिए कोई कार्य नहीं होते, जिनके पास देने के लिए पैसे होते है उनका सभी कार्य नगरपालिका अधिकारियो द्वारा तत्काल कर दिए जाते है, चाहे वह विधि के विरुद्ध हो या शासन के विरुद्ध हो, नागरिकों द्वारा शिकायत करने उपरांत भी कोई कार्यवाही नहीं क़ी जाती है और मामला ठंडे बस्ते मे चला जाता है, कई नागरिकों द्वारा सूचना के अधिकार नियम अंतर्गत सूचना मांगी जाती है परन्तु सूचना भ्रमित रूप मे सूचना देकर भोले भाले आम नागरिकों के अधिकारों का हनन करकर उनका शोषण किया जा रहा है, ऐसे मामले रोज सुनने और देखने क़ो मिलते है परन्तु मुख्य नगर पालिका अधिकारी के संघान मे जानकारी होने के वाबजूद भी मौन रहकर चुप्पी साधे हुऐ है. और हो रहे भ्रष्टाचार,और अनैतिकपूर्ण कार्य क़ो बढ़ावा दे रहे है । जहाँ एक तरफ मैन मार्केट मे दुकानदारों द्वारा अपनी दुकान के सामने पलंग, अलमारी, पर सामान रख बाधित कर रखा है अतिक्रमण कर रखा है उस पर नगर पालिका द्वारा कोई समुचित व्यस्वास्था ना करकर, अतिक्रमण पर कोई कार्यवाही नहीं करी जाती हैं, एवं दूसरी तरफ जहाँ गाँव के किसान जो मात्र एक दिन के लिए अपनी सब्जी, अनाज लेकर आते है उन पर नगर पालिका अधिकारियो के निर्देशानुसार उनके सामान रोड मे फेक दिए जाते है एवं ग्रामीण किसानो के साथ नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार गली गलोच क़ी जाती है जो क़ी सर्वथा अनुचित कार्यप्रणाली क़ो दर्शाता है,उक्त जानकारी पालिका जुन्नारदेव के समस्त अधिकारियो के संघान मे हैं परन्तु इस पर किसी अधिकारी द्वारा ध्यान ना देकर अधिकारी अपनी मनमानी और शासकीय पद का दुरूपयोग करके आम जनता क़ो शारीरिक, मानसिक, एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित करते रहते है जिनकी कार्यवाही एवं शिकायत उच्च लेवल अधिकारी क़ो करी जाना कोई गलत बात नहीं होंगी.।………..नगर पालिका जुन्नारदेव मे शिकायतकर्ता-आवेदनकर्ता क़ो कई प्रकार क़ी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है, उसके बाद अधिकारियो से बात होकर उनके द्वारा झूठा दिलासा देकर शिकायतकर्ता एवं आवेदनकर्ता क़ो वापिस अपने घर भेज दिया जाता है, परन्तु परेशानी तो वही है जहाँ से वह शुरू हुई थी, इसके एवज मे रिश्वत यदि दिया जाये तो कार्य बहुत आसानी से एवं तत्काल कर दिए जाते है, ऐसा हाल है जुन्नारदेव नगरपालिका का एवं वहाँ पदस्थ समस्त अधिकारियो का…………सूत्रों क़ी माने तो नगर पालिका जुन्नारदेव मे कई ऐसे कर्मचारी है जो बिना किसी किसी अधिकार एवं बिना किसी शासकीय आदेश के नगरपालिका अधिकारियो क़ी आपसी साठगांठ के वहाँ कई वर्षो से जमे जकड़े बैठे है और निरंतर अपना कार्य कर रहे है, साथ ही सरकारी योजनायो का पैसा हजम कर शासन क़ो चुना लगा रहे है , और वास्तव मे वो कर्मचारी पदस्थ ही नहीं है उनका वेतन डकार रहे है ऐसा मामला सूत्रों से पता चला है जिसकी जाँच क़ी जा रही है…

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